महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को गति देने के लिए अपनी महत्वाकांक्षी 'स्मार्ट ग्राम योजना' को और विस्तृत किया है। इस योजना का उद्देश्य ग्राम पंचायतों को उनके प्रदर्शन और ग्रामीण विकास कार्यों के आधार पर प्रोत्साहित करना है। इसके तहत, ग्राम विकास विभाग ने पंचायतों के लिए विशेष अनुदान और पुरस्कार राशि की घोषणा की है, जो उन्हें विभिन्न मापदंडों पर उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रेरित करेगी। योजना के तहत, स्वच्छता, जल संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य, और डिजिटल साक्षरता जैसे क्षेत्रों में असाधारण प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को अतिरिक्त धनराशि प्रदान की जाएगी।
इस योजना के तहत, जिला स्तर पर चुनी गई सर्वश्रेष्ठ पंचायतों को विशेष विकास निधि के रूप में बड़ी राशि दी जाएगी। यह पुरस्कार राशि पंचायत को अपने स्थानीय बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने में मदद करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की प्रतिस्पर्धा-आधारित प्रोत्साहन प्रणाली पंचायतों के बीच सकारात्मक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देगी। इससे न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण स्तर पर सरकार की विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन भी अधिक प्रभावी ढंग से हो पाएगा। यह कदम स्थानीय नेतृत्व को सशक्त बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
इस पहल से जुड़े अधिकारीयों का कहना है कि 'स्मार्ट ग्राम योजना' का लक्ष्य केवल वित्तीय सहायता देना नहीं है, बल्कि पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाना है। इसके लिए, पंचायतों को अपनी राजस्व सृजन क्षमता बढ़ाने और केंद्र तथा राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। महाराष्ट्र सरकार का यह प्रयास विकेंद्रीकृत शासन की अवधारणा को मजबूत करता है, जहाँ स्थानीय निकाय स्वयं अपने विकास की दिशा निर्धारित करते हैं। यह योजना, अंततः, ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने और पलायन को रोकने में सहायक सिद्ध होगी।
0 Comments